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द इंडियन रॉबिन हुड आदिवासी मसीहा राष्ट्रमालिक टंट्या भील (टंट्या मामा ) शहादत दिवस जोहार अभिवादन

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  द इंडियन रॉबिन हुड आदिवासी मसीहा राष्ट्रमालिक टंट्या भील (टंट्या मामा ) शहादत दिवस जोहार अभिवादन🙏🙏🙏 टंट्या भील: टंट्या मामा:   टंट्या भील का जन्म 26 जनवरी 1840 को मध्य प्रदेश के बड़ादा गाँव में हुआ था । उनके पिता का नाम पर  भाऊसिंह था । टंट्या भील का मूल नाम तंद्रा था , लेकिन समय के साथ यह नाम टंट्या हो गया। बाद में यह नाम प्रसिद्ध हो गया। फलस्वरूप हम उन्हें टंटया के नाम से भी याद रखेंगे। उनके दुबले-पतले शरीर के कारण उन्हें टंट्या भील (भारत का रॉबिनहुड) कहा जाने लगा। टंटया का संबंध मध्य प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र से रहा है और निमाड़ में ज्वार का पौधा सूखने के बाद लंबा और पतला होने के कारण टंटया कहलाता है। इसके अलावा टंट्या भील को भारत का रॉबिनहुड भी कहा जाता है।         विद्रोह के कारण: भूमि हस्तांतरण की ब्रिटिश नीति, जिसने कई भील परिवारों को उनकी पैतृक संपत्ति से बेदखल कर दिया, ने विद्रोह को जन्म दिया। यह दृष्टिकोण क्षेत्र पर ब्रिटिश नियंत्रण को मजबूत करने और इसके संसाधनों का उपयोग करने की एक बड़ी योजना का हिस्सा था। अंग्रेजों की शोषणका...

विश्वरत्न भारतरत्न डॉ बाबासाहेब आंबेडकर महापिनिर्वाण दिवस विनम्र अभिवादन

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विश्वरत्न भारतरत्न डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर महापरिनिर्वाह दिवस विनम्र अभिवादन  डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर महापरिनिर्वाह दिवस हर साल 6 दिसंबर को मनाया जाता है। यह दिन डॉ. भीमराव आंबेडकर की पुण्यतिथि के रूप में मनाया जाता है, जिन्होंने भारतीय समाज में सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया और खासकर दलितों, पिछड़ों और समाज के वंचित वर्गों के लिए समानता, स्वतंत्रता और न्याय की आवाज उठाई। डॉ. आंबेडकर भारतीय संविधान के प्रमुख निर्माता थे और उन्होंने भारतीय समाज में जातिवाद और सामाजिक असमानताओं को खत्म करने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए। उनका योगदान सिर्फ राजनीति तक ही सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने शिक्षा, समानता और मानवाधिकारों के क्षेत्र में भी अमूल्य काम किया। इस दिन को समर्पित कर उनके विचारों, योगदान और संघर्ष को याद किया जाता है। विशेषकर, उनकी जयंती के दिन, लाखों लोग मुंबई के "नागपुर" में स्थित **"चैत्यभूमि"** पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए इकट्ठा होते हैं, जहाँ डॉ. आंबेडकर की अस्थियाँ रखी गई हैं। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर महापरिनिर्वाह दिवस (6 दिसंबर) को केवल ...